Monday, 7 June 2021

बिना अंको की पाती! किस काम की।।




बिना अंको की पाती! किस काम की।।

(बिना परीक्षा के पास होने पर हास्य व्यंग कविता)


पाती अंक बिना

पक्षी पंख बिना

होली रंग बिना

साथी संग बिना

किस काम का, किस काम का।।


नाव  पतवार बिना

छुट्टी  इतवार बिना

फरारी रफ़्तार बिना

रोज़ा इफ्तार बिना

किस काम का ,किस काम का


चंदा चकोर बिना 

प्रेम विभोर बिना 

छत पटोर बिना

चटनी चटोर बिना

किस काम का, किस काम का।।


राजा राज बिना

गाना साज बिना 

नर नाज़ बिना 

नारी लाज बिना  

किस काम का, किस काम का।।


इंजन रेल बिना 

कढ़ाई तेल बिना 

तराजू बांट बिना 

बचपन डांट बिना 

किस काम का, किस काम का।।


बिहार लालू बिना,

समोसा आलू बिना,

ग्वाला दूध बिना 

लाला सूध बिना 

किस काम का, किस काम का।।


डाक्टर आला बिना

दरवाजा ताला बिना 

ससुराल साला बिना 

माली माला बिना 

किस काम का, किस काम का।।


मंज़िल कष्ट बिना

सफाई डस्ट बिना

लोहा रस्ट बिना 

मॉडल मस्ट बिना 

किस काम का, किस काम का 


खाना नमक बिना 

सोना खनक बिना 

चोरी सनक बिना 

हीरा चमक बिना 

किस काम का, किस काम का।।


ब्रज रास बिना,

जुआ तास बिना,

कविता हास बिना 

घोड़ा घास बिना 

किस काम काम, किस काम का


प्यार झप्पी बिना 

चौपाल टप्पी बिना 

गाल पप्पी बिना 

गप्प ' गप्पी ' बिना 

किस काम का, किस काम का।।


आपका

मुरारी लाल राय ' गप्पी '

पुत्र श्री अशोक राय (टीला)

Mob 9179765560

(पाती- कागज,मार्कशीट, फरारी- सबसे तेज दौड़ने वाली गाड़ी। पटोर- पत्थर का बड़ा टुकड़ा।नाज़ - गर्व )






No comments:

Post a Comment