Friday, 14 May 2021

हाई वे v/s आई वे! 2 (लॉक डाउन 2.0 को यादगार बनायें 03)



(लॉक डाउन 2.0  को यादगार बनायें 03)

हाई वे v/s आई वे! 2

पिछले अंक से आगे ,,,, 

 

साथियों इसी विषय पर आपने मेरी पिछली कहानी में जाना होगा कि कैसे हाईवे ओर आई वे हमारे लिए बहुत मुश्किल पैदा ना कर सकें इसलिए बहुत सावधानी बरतनी होगी! 

इतने गंभीर विषय को बीच में ही बिना कोई सार्थक उपाय बताए  कहानी को अधूरा छोड़ कर रह गया! इसके लिए आप सभी से बिना दवाब के माफी मांगता हूं कि आप को दो दिनों तक इंतजार करवाया। मैंने पहले भी कहा कि में कोई होशियार या अनुभवी नहीं को तकनीक को बुरा या भला बोल सकूं और न ही में तकनीक विरोधी हूं तो अपनी मानसिकता से आपको प्रभावित कर अपना दर्जा बड़ाऊ।

  साथियों हम और आप जो भी अनुभव करते हैं इसी से  हमारा ज्ञान बढ़ता हैं। इसलिए मैंने दो दिनों तक इंतजार केवल आपको अपने अनुभवों को पुनः स्मरण करने का है अनुरोध किया था। अलग पाठक वर्ग से अलग प्रतिक्रिया आयी छोटी चर्चा कर कहानी आगे बढ़ता हूं । आज पाठक वर्ग को समझना भी बहुत बड़ी योग्यता है । अतः अलग पाठक वर्ग अनुसार अपनी गप्पे सुनाकर आप सभी को आई वे और हाईवे के उचित मार्गदर्शन करता हूं तब तक मेरे साथ बने रहिए ,,,

छात्रों की प्रतिक्रिया:- 

   कहानी पढ़ कर इस वर्ग के मेरे प्यारे , भविष्य के सितारों ने बहुत कुछ सीखा और सुरक्षित बने रहने वाले ज्ञान को प्राप्त कर मुझे और आगे भी अपनी गप्पे सुनाकर शिक्षा देते रहने का आशीर्वाद मांगा है। मेरा इस वर्ग हेतु यह सुझाव है कि जैसे हाईवे से सामान को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से पहुंचाया जाता है। ठीक उसी प्रकार मोबाइल फोन में आई वे से हम तक ये बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने अपने उत्पाद पहुंचाने का कार्य करते हैं। अतः आपको विना अपने बड़ों से जानकारी लिए ऐसे रास्ते से कुछ भी नहीं लेना चाहिए। आप मोबाइल फोन से आई वे से अपने उपयोगी बिंदुओं पर ही समय और डाटा खर्च करें । गलत और भ्रामक जानकारी देने वाले उत्पादों के प्रलोभनों से सावधान । दुनिया की कोई ताकत हमें या आपको रातों रात पैसे वाला नहीं बना सकती । आपको ऐसे संदेशों खबरों,और मनोरंजन के साधनों से बचे रहना चाहिए। चाहे वो दोस्तों को कंपनी का मैसेज भेज कर   रिचार्ज पाना हो । एप्प या किसी प्रोडक्ट को रेफर कर पैसे या रिवॉर्ड अंक कमाना हो। दिन भर एप्प पर खेल खेल! कर  थोड़े से पैसे कमाने का प्रलोभन हो । या फिर कभी आपकी किस्मत चमकाने वाली लॉटरी के लिए एडवांस बुकिंग करने के लिए पैसे जमा करना हो। ,,,,, इस जैसे कई प्रलोभन देकर आपको लूटने का बहुत प्रयास किया जा सकता है। अतः आप सदैव मेरी एक सलाह जीवन भर याद रखें कि "हमारे लिए कोई अपने हाथ से एक मुठ्ठी मिट्टी तक बिना स्वार्थ या फ्री में न देता तो ये वैश्विक कंपनियां कैसे हमें इतनी दया दिखा कर न जाने किस जाल में फंसाकर अपना शिकार बनाना चाहती हैं।" अतः मेरे प्यारे मित्रों आप मोबाईल फोन का आई वे उपयोग करते समय सावधानी बरतें और अपने  एकाग्र मन से अपना उपयोगी कार्य  पूरा कर शीघ्र ही इससे दूर हो जाएं । 

 

युवा वर्ग हेतु ,,, 

 

  आप सभी को मेरा सलाम! मेरी कहानी के पाठकों में आपके वर्ग की संख्या कम है पर फिर भी आप से मेरा कोई बैर भाव नहीं है तो आपको यही कहूंगा कि आप अपनी ऊर्जा और जोश को उचित मार्गदर्शन लेकर सही दिशा में लगाएं । आज देश में इस वर्ग की संख्या बहुत अधिक है । ये यथार्थ सत्य है कि दुनियाभर की आर्थिक शक्तियां आपकी सेवा में ही भारत आने को व्याकुल हो रही हैं। किन्तु समय की विडंबना है कि हम सेवा देने के बजाय उनकी सेवाओं को लेना प्रारंभ कर देते हैं। चाहे फिर वो महंगे नए मॉडल के स्मार्टफोन हो ।  नए नए ब्रांड प्रॉडक्ट हो। या फिर पब्जी, टिक- टोक जैसे कभी न खत्म होने वाले आपको व्यस्त रखने वाले एप्प हों । साथियों व्यस्त रहता हर इंसान के लिए आवश्यक है किन्तु बिना किसी उद्देश्य, बिना किसी ठोस कारण हमें व्यस्त रहने से बचना चाहिए।

    जिस समय और ऊर्जा को कंपनी आपसे छीन रही होती है बो इससे भी बहुत कुछ कमा कर चली जाती है और हम वहीं दोस्तों के संग होकर भी अकेले ही रह जाते हैं। में आपके दर्द और पीड़ा से भी भली भांति परिचित हूं कि मेरे या फिर शासन के पास आपको देने हेतु कुछ भी नहीं है। जैसे घर में यदि मां को खाना  बनाना हो तो वह अपने बच्चों को मोबाइल पकड़ा कर व्यस्त कर देती है। ठीक उसी प्रकार आप सभी युवा शक्ति को मोबाईल फोन पकड़ा दिया गया है और आप स्वयं से बहुत दूर होते जा रहे हैं। ये भी हो सकता है कि मां की तरह आपके परिवार के पास समय की कमी हो । तो आपको ये खिलौना पकड़ा कर आपकी जिम्मेदारी और जिद्द से दूर रहना पसंद करते हों । हो सकता है आपको मेरी गप्पे सुनकर हंसी आए पर कभी विचार करेंगे कि इस मोबाइल फोन ने आपके जीवन का कितना बहुमूल्य समय आपसे छीन लिया। इंसान के पास बैसे भी समय की कमी है और आप इस i-way पर समय खराब कर रहे हैं । बाकी ओर ख़तरा जो छात्र वर्ग  को है वो आपको भी हो सकता है!

 

 

 

 

सहकर्मी- सहपाठियों के लिए फ़िज़ूल सी गप्पें! 

 

   जी माफ करना , वैसे तो आपको कहां समय है कि एक थर्ड डिवीजन पास निकंभे साथी नहीं नहीं ठलुआ की गप्पे सुनकर उसके भाव बढ़ाए! जी धन्यवाद महाराज, आप सभी को आई वे और हाईवे के खतरे बताना मेरा फर्ज बनता है! फिर   चाहे आप जो समझे। आप अपने जीवन में सदैव स्ट्रेट ड्राइव पर चलते जाएं इसलिए मेरी पोस्ट को पूरा पढ़े। मुझे अपनी औकात अच्छे से पता है अगर आप जानना चाहते हैं तो फिर आपको थोड़ा इनकार करना होगा। में शीघ्र ही 'औकात- एक अनोखी कल्पना' किताब आप तक पहुंचा कर आपका आशीर्वाद लूंगा ।

  मित्रों कोई जन्म से महान नहीं होता, कर्म ही इंसान को महान बनाते हैं। कक्षा में अव्वल नंबर लाने वाले से ज्यादा अनुभव फेल होने वाले साथी को हो सकता है। हमें भी इतिहास पुरानी गलतियों को न दोहराने के लिए पढ़ाया जाता है। जब बच्चा चलना सीखता है तो उसके मां बाप उसे गिरते हुए देखना चाहते हैं! वो भविष्य की चुनौतियों से भली भांति परिचित होते हैं | जो इस नन्हे से बालक को आने वाले समय में सामना करना है।  जब बच्चा गिराना ओर गिरकर उठना सीख जाता है तो उसके मां बाप उसके लिए निश्चिंत हो जाते है। 

जीवन  की असल परीक्षा में कुछ नंबरों से फेल होने वाला व्यक्ति, उच्च रैंक प्राप्त करने वाले से अधिक उपयोगी मार्गदर्शन से जीवन से संघर्ष कर रहे  युवाओं के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है। अतः मुझ गरीब के पास आपके लिए  दुआएं मांगने के अलावा कुछ नहीं !

 

अन्य सभी सम्मानित पाठकों हेतु !

 

तकनीक में नए पर उम्र में बहुत बड़े,बहुत  कुछ सीख देने वाले सभी सम्मानित पाठकों  के श्री चरणों में समर्पित अधूरा ज्ञान समेटे मेरी गप्प!

   आप सभी सम्मानित गुरुजनों व पाठकों को मेरा कोटि कोटि प्रणाम। गुरु वर मैंने सदैव आपके ज्ञान और आशीर्वाद से ही बहुत सम्मान , उपलब्धि और गिरकर कभी हार न मान कर सदैव उठकर चुनौतियों का सामना करने की शक्ति पाई है। कक्षा 10 (2002) से आज तक तकनीक से कुछ ज्यादा ही लगाव रहा है। मैने अपने जीवन के इस कालखंड में तकनीक को ms-dos से खड़ा  होकर इसे  आधुनिक अवतार लेते देखा है । जिस कारण आज आप सभी को अपना Homework दिखाना चाहता हूं। 

 

      “तकनीक जिसे स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी के दूरगामी सोच से देश में जन्म लेने का मोका मिला, आपका ही  विचार था कि तकनीक मनुष्य के लिए वरदान सिद्ध होगी। उन्होंने इसे आधुनिक युग की आवश्यकता मान कर  तकनीक को पैर पसारने का सुनहरा माहौल दिया। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी   के नेतृत्व में संचार क्रांति  का आगाज हुआ है। समय के अनुसार इसके उपयोग करने वाले लोगों की संख्या जनसंख्या की  भांति बहुत तेजी से बढ़ी। आज जब स्मार्ट फोन प्रत्येक क्षेत्र में अपनी उपयोगिता का डंका बजा रहा है तो और इसके संभावित खतरे भी विषाणु की भांति हमारे सिर पर मंडरा रहे हैं।

अन्तः में यही कहूँगा की आप अपने व्यस्त समय को मोबाइल पर कम ही दें | मोबाइल से अधितकतर पाठकों को आँखों की परेशानी बढ़ी है | व्यक्ति की संवेदनायेशून्यहो रही है | व्यक्ति मानसिक दाशिता से ग्रषित होता जा रहा है | बिना मोबाइल को देखे कुछ भी कार्य नहीं करता | सोशल मीडिया पर दोस्तों की भरमार है किन्तु वस्त्बिक जीवन में अपने दुःख सुख को ईमानदारी से बाँटने बाला बिरला ही कोई हो |

अतः आप सभी से निवेदन पूर्वक यही कहना चाहता हूँ कि आपके के पास जीवन के इतने अनुभव है की फेसबुक आपके अनुभवों की बुक के आगे कुछ भी नहीं | आप अपना कीमती समय अपने परिवार को दें और उन्हें कहनियाँ सुना कर जिंदगी के खट्टे मीठे अनुभव कराएँ | जिससे आपके बच्चों की स्क्रीन पर बिताया समय कम होगा और उन्हें दूसरो के बेफिजूल ज्ञान को नहीं लेना पड़ेगा

सदा स्मरण रखें 

धुएं का छोर और फेसबुक की गहराई कोई नहीं जान पाया  | अतः  जितना सम्भव हो इन दोनों से दूर रहें

 आज की कहानी यहीं विराम देता हूँ आगे कभी ईश्वर ने चाहा तो फिर किसी मुद्दे पर गप्पें सुनाने आता रहूंगा |

राधे राधे

बुधवार, 14 मई 2021                                    आपका :- मुरारी लाल राय

                                                                      शिक्षक,

                                                         शास.मॉडल स्कूल करैरा 

 

 

 


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