*समय निकाल कर पोस्ट को पूरा पढ़ना जरूर ,,*
*वर्तमान में सांसें कम हो रही हैं पर उनके तमाशें नहीं*
आज की एक घटना बहुत कुछ सीखा गई,, एक साथी की दादी अचानक ,,,, हमने तुरंत अपने अपने कमेन्ट में ॐ शान्ति लिखा ओर भेज दिया, फिर,, इसके बाद क्या हुआ किसी ने ये जानने का प्रयास नहीं किया की दादी अचानक से कैसे ,, कहीं कुछ ओर बात तो नहीं 🤔
कल मेरे साथ भी हुआ जो इस प्रकार हैं,, 👍
*कल मेरा जन्म दिन था एक loçal दोस्तों का हमारा ग्रुप बना हुआ है। एक भाई ने मेरी फोटो डाल दी और birthday wishes भेजी ,, दूसरा इतनी जल्दी में था उसने फोटो देख कर ॐ शान्ति,,,,*
😂😂😂😂
*फिर क्या था दो चार भाइयों ने भी कमेन्ट बॉक्स भरना शुरू कर दिया।*
*में कुछ जवाब दे पाता उसके पहले ही सबने अपना अपना क्रिया कर्म निपटा लिया ,, फिर जब किसी को birthday wishes का ध्यान आया तो फिर स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया,,,*
*में ये सब देख कर खुश भी हो रहा था और अपने लिए लोगों को शान्ति मांगते हुए कई प्रकार के विचार भी आ रहे थे।*
*सार यही है कि धन्यवाद का मेरा जबाव देख कर और सामने से सॉरी बोल कर उन बेचारों ने पूरा गीता ज्ञान करा दिया*
*क्या यही है हमारी जीवन भर की पूंजी जिसमें केवल,,, ॐ शांति ,,,ही हम खरीद पाए*
😭😭😭😭
आज हमारी जीवन शैली बदल गई है,, कोई जाम में खुश हैं तो कोई काम में ,, कोई प्यार भरा है कोई बेशर्मी से।किसी को आपदा में अपना फायदा ही फायदा दिख रहा है, तो कोई व्यस्त हैं अपना व्यापार ज़माने में। जनता जीवन जीने की जद्द ओ-जहद कर रही है तो दूसरी ओर देश के मालिक 5 जी में अपने चेलों के टॉवर सेट करने में मस्त है।
😢😢😢😢
*क्या यही है हमारी जीवन यात्रा,, क्या मात्र ॐ शान्ति मांगते हुए विदा होकर जाना चाहते हो,,* 😭
क्या यही है हमारा जीवन जीने का मकसद? क्या इसी लिए हम इस दुनियां मे आए हैं ?
*साथियों मुझे क्या किसी को भी नहीं समझ आ रहा कि हमारे पास कितनी सांसे लेना शेष है* । 😂😂
*फिर क्या हम सभी साथियों को शान्ति लिखा हुआ 'कमेन्ट पास' से दूसरी दुनियां में एंट्री मिलने वाली है।*
🙏🙏🙏🙏
*विचार कीजिए*
*और हो सके तो अपनी कहानी को शान्ति मांगते समाज से दूर रखिए।*
*आज हमारी सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित नहीं है। वर्तमान समय ओर परिस्थिति मे कोई भी ये नहीं समझ पा रहा कि कितने दिन घरों में कैद बने रहने से कब तक जीवन को बचाया जा सकता है*
🙏🙏🙏🙏
*हम सब भाव शून्य हो रहे हैं,, किसी को शान्ति लिखा हुआ कमेन्ट के अलावा कुछ नहीं समझ आ रहा की इसके अलावा भी बहुत कुछ करना होगा।*
हमें अपने विचारों, अपने कर्मो और व्यवहार से अपने चाहने वालों, जानने वालों और अपनी आने वाली पुश्तों,, इन सभी के लिए आदर्श स्थापित करने होंगे । इस दुनियां में हम ही अंतिम पंक्ति नहीं हो सकते ,, आने वाली पीढ़ी के लिए भी सुरक्षित पर्यावरण बनाए रखने का संकल्प पूरा करना होगा।
*समय यूं ही व्यर्थ निकाल देने से हमारे जीवन कि वैलिडिटी नहीं बढ़ेगी,, जो होगा सो होकर रहेगा ,हम अपने इस समय का अधिकतम सदुपयोग जो प्रकृति ने हमें दिया हैं उसे उसकी ही सेवा में लगाने का उत्तरदायित्व पूरा करें। कुछ कर नहीं सकते तो कोई बुराई नहीं पर इसे बिगाड़ने में अपनी भूमिका तो न निभाएं ।
अतः हम सभी विचार करें और समझदारी से काम लें । विपदा बहुत बड़ी है ,,इसके प्रकोप से बचे रहने के लिए हम अपनी दिनचर्या को सुधारें ,, अपने कृत्यों को सुधारें, सभी साथियों से नए नए विचारों का आदान प्रदान करें,, शुद्ध जीवन शैली को अपनाएं। प्रकृति के समस्त जीवों क आदर व सम्मान करें। प्रकृति को मां कहा जाता है । इसकी ममता ओर त्याग को प्रेम करें । तो शायद हम अपनी सांसों की वैलिडिटी को समय से पहले समाप्त होने से बचा पायेंगे,, बरना हालातों से तो हम सभी भली भांति परिचित हैं।*
🙏🙏🙏🙏
विचार कीजिए,,
*राधे राधे*
🙏🙏🙏🙏
आपका
मुरारी लाल राय
यदि आप मेरे विचारों से सहमत हैं तो अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर आशीर्वाद प्रदान करें

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