Monday, 9 June 2025

बाह सिपाही

 


*बाह रे सिपाही।*

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सुन ओ सिपाही, क्या तूने भांग थी खाई ,

तेरे भी तो पलते होंगे बच्चे और लुगाई ,


क्या गुनाह किया था, जो तुमने लगा दी उनकी ठुकाई,

आजादी को हासिल करने गांधी जी ने भी लड़ी लड़ाई,


ये वर्दी वाले तेरे भी तो लाल रहे होंगे ।

कहीं किसी चौराहे पर खड़े रहे होंगे ।।


तू भी तो कुछ अपनों सा खियाल कर लेता ।।

कहीं भीड़ में न खड़ा हो तेरा खुद का बेटा।


खूब जोर लगाया तुमने जो इन मासूमों को पीटा।

लहू बहा बेगुनाहों का, सड़क पर इनको घसीटा।।


गर नाराज़ है तुम्हारा आका तो क्या निर्दोष को सजा दोगे?

नौजवान रोजी रोटी को मोहताज है, क्या सबको मरवा दोगे?


देश की मिट्टी में शामिल हैं 

लहू सूरते हिन्दुस्तान का ,

बाप की जागीर न समझ,

याद रख, क्या हश्र हुआ 

सिकंदर महान का।।

@ गप्पी

😂😂😂😂

#hate_mp_police 🚨


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