Thursday, 29 April 2021

चल मास्क लगा और घर को चल

 

चल मास्क लगा और घर को चल |

 

बीमारी बहुत बड़ी है, दूरी का ध्यान तो रख

बाहर खतरा है, चल मास्क लगा, घर को चल

 

न इलाज , न पैसा , न कोई तैयारी है

घर में रुके रहना ही एक मात्र समझदारी है

बात सुन , वहस न कर

मास्क लगा और घर को चल

होगा तू भूखा-प्याशा , भूखा होगा घर तेरा

तू ही नहीं रहेगा तो,क्या खा सकेगा घर तेरा

तर्क समझ , कुतर्क न कर

मास्क लगा और घर को चल

लोट आयेगी रौनक फिर से

छट जाएगी बदली सिर से

धीरज धर , धोंस न कर

मास्क लगा और घर को चल

जब नम्बर आये तो टीका लगवा

लक्षण दिखने लगें तो जाँच करवा

जल्दी कर , जिद्द न कर

मास्क लगा और घर को चल

ठीक हो जाओगे तुम भी , दो हफ़्तों की बात है

लोट आएगी फिर चाँदनी, दो पल अँधेरी रात है

पेड़ लगा , सांसों की फिर फ़िक्र न कर

कहत है ‘गप्पी’ , मास्क लगा और घर को चल

 

दिनांक:- 4/29/2021 9:24 PM

रचना:- मुरारी लाल राय `गप्पी`

शिक्षक, मॉडल उमावि.करैरा

2 comments:

  1. Sir, you write very good poems, why don't you make your own YouTube channel?

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