चल मास्क लगा और घर
को चल |

बीमारी बहुत बड़ी है,
दूरी का ध्यान तो रख
बाहर खतरा है, चल
मास्क लगा, घर को चल
न इलाज , न पैसा , न कोई तैयारी है
घर में रुके रहना ही एक मात्र समझदारी है
बात सुन , वहस न कर
मास्क लगा और घर को
चल
होगा तू भूखा-प्याशा , भूखा होगा घर तेरा
तू ही नहीं रहेगा तो,क्या खा सकेगा घर तेरा
तर्क समझ , कुतर्क न
कर
मास्क लगा और घर को
चल
लोट आयेगी रौनक फिर से
छट जाएगी बदली सिर से
धीरज धर , धोंस न कर
मास्क लगा और घर को
चल
जब नम्बर आये तो टीका लगवा
लक्षण दिखने लगें तो जाँच करवा
जल्दी कर , जिद्द न
कर
मास्क लगा और घर को
चल
ठीक हो जाओगे तुम भी , दो हफ़्तों की बात है
लोट आएगी फिर चाँदनी, दो पल अँधेरी रात है
पेड़ लगा , सांसों की
फिर फ़िक्र न कर
कहत है ‘गप्पी’ ,
मास्क लगा और घर को चल
दिनांक:- 4/29/2021 9:24 PM
रचना:- मुरारी लाल राय `गप्पी`
शिक्षक, मॉडल उमावि.करैरा
Sir, you write very good poems, why don't you make your own YouTube channel?
ReplyDelete👏👏👏👏💯💯
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