`कोरोना` तू कभी स्कूल तो गया होगा !
ये
कोरोना तू कभी स्कूल तो गया होगा ?
मास्टर
ने तेरी हरकत पर तुझे खूब धोया होगा !
तभी तू हमारे बच्चों
की पढाई बंद करा रहा है ,
कभी तू नहाया नहीं ,
और हमारे हाथ धुला रहा है |
कपड़े तो
तूं पहनता नहीं , तभी तू गमछा से डरता है ,
किस्से
बहुत है तेरे ,रुक जा इतना मस्ती से क्यों फिरता है |
अरे कोरोना जाना है
तो जाओ नेताओं के यहाँ ,
गरीब जनता का बहुत
माल छिपा रखा है वहां |
क्यों
इन मासूम बच्चों को धमकाते हो ,
इन्हें पढने
दो , इन्हें क्यों डरवाते हो |
वो तो RTE ने हमारे डंडे
बांध रखे है ,
वरना अच्छे अच्छों
को खंबे से बांध रखे है|
अगर अड़े
रहे तो मास्टर को उठाना पड़ेगा बही डंडा ,
बहुत
मार पड़ेगी मूरख , लगा ना पायेगा चोटों पर ठंडा |
अभी निकल लो, वरना
चाटनी पड़ जाएगी धुल ,
फिर कभी नहीं करोगे
स्कूल आने की भूल |
सुन ! आ
ना जाना फिर इन बच्चों के बीच ,
अगर अब
पढाई रोकी तो निकाल देगा `गप्पी` तेरी पीक ||
रचना:- मुरारी लाल राय `गप्पी`
शिक्षक, मॉडल उमावि.करैरा
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