Monday, 19 April 2021

`कोरोना` तू कभी स्कूल तो गया होगा !

 

`कोरोना` तू कभी स्कूल तो गया होगा !

ये कोरोना तू कभी स्कूल तो गया होगा ?

मास्टर ने तेरी हरकत पर तुझे खूब धोया होगा !

 

तभी तू हमारे बच्चों की पढाई बंद करा रहा है ,

कभी तू नहाया नहीं , और हमारे हाथ धुला रहा है |

 

कपड़े तो तूं पहनता नहीं , तभी तू गमछा से डरता है ,

किस्से बहुत है तेरे ,रुक जा इतना मस्ती से क्यों फिरता है |

 

अरे कोरोना जाना है तो जाओ नेताओं के यहाँ ,

गरीब जनता का बहुत माल छिपा रखा है वहां |

 

क्यों इन मासूम बच्चों को धमकाते हो ,

इन्हें पढने दो , इन्हें क्यों डरवाते हो |

 

वो तो RTE ने हमारे डंडे बांध रखे है ,

वरना अच्छे अच्छों को खंबे से बांध रखे है|

 

अगर अड़े रहे तो मास्टर को उठाना पड़ेगा बही डंडा ,

बहुत मार पड़ेगी मूरख , लगा ना पायेगा चोटों पर ठंडा |

 

अभी निकल लो, वरना चाटनी पड़ जाएगी धुल ,

फिर कभी नहीं करोगे स्कूल आने की भूल |

 

 

सुन ! आ ना जाना फिर इन बच्चों के बीच ,

अगर अब पढाई रोकी तो निकाल देगा `गप्पी` तेरी पीक ||

 

रचना:- मुरारी लाल राय `गप्पी`

शिक्षक, मॉडल उमावि.करैरा

No comments:

Post a Comment